Noor

कुछ नूर तुम्हारा तुमसे है, कुछ नूर तुम्हारा मुझसे है। जितना चाहे इंकार कर लो, पर कुछ बात तुम्हारी तुमसे है, कुछ बात तुमहरी हमसे है। ________________________

Kaun kahega mujhe ?

कौन कहेगा मुझे कहाँ है चलना, सफ़र बड़ी है, मुझे नहीं थेहरना, मौसम बदलेगा, मुझे नहीं डरना, फिज़ाओं से मुझे, बातें बहुत करना। ** आते जाते लोगों के, आँखों में है तकना, पलकें झुक रही, शर्म क्यूँ करना, एक ही है जिंदगी, पूरी तरह जीना, खुली किताब हूँ मैं, सभी को पढ़ना। ** बादल फटेगा…

*ऐ खुदा.. ! सुकून दिला…

मिल जाती है खुशियां मेरे जाने के बाद, आने से मेरे होता, गम ये बयान। तक़दीर मे लिखा है, खोना है तुझे, चाहने से मेरे कुछ होता नहीं। *ऐ खुदा.. ! सुकून दिला… मंज़िल से मुझे, तू तो मिला। आशियाँ मेरा, अब तो बना। *ऐ खुदा.. ! सुकून दिला… दिन के उजाले चुभती है मुझे,…

राज़

राज़ राज़ है, पन्नों पर ना लिख पाऊं, कुछ ऐसे जज्बात हैं. हर शख्स के भीतर कई और शकशियात, जैसे चेहरे पे ढका हुआ नकाब है। *** हर सुलझी चीज़ को उलझाना, और भीड़ में अचानक खो जाना, ज़िन्दगी कि रफ्तार में, इतनी शोर में अचानक खो जाना, माना इन सब के पीछे भी कुछ…

क्यूँ छोर गया तू?

मेरे हर एक पल में शामिल था तू, दोस्ती का आघाज़ कर, फ़साना अधूरा छोर गया तू, बीते लम्हों में कितनी मस्ती करी हमने साथ, आने वाले लम्हों में क्यूँ छोर गया तू? *** दोस्ती में तेरी वफ़ाई ना रही, साथ निभाने कि‍ खुदायी ना रही जिंदगी क्या रूठी तुमसे, कि साथ चलने की जगह…

Thoughts

हर आधी अधूरी बात अच्छी लगती है, पुरी बात तो सच्ची लगती है, सच किसे अच्छी लगती है, बिना बात के मुस्कुराओ, वो भी अच्छी लगती है। **** नींद में ख्वाब अच्छे लगते हैं, आधे से ज्यादा ख्वाब किसके सच होते हैं, जिनके होते हैं, वैसे सिकंदर दुनिया के लिए मिसाल होते हैं, जिनके नहीं…

Jab sath na khara ho koi…

Jab saath na khara ho Koi, aasan nhi hota kadam Aagey badhana, Kaise bayan karun main, kitni mushkil thi, adhura Sapne poore kar paana. Chal chala tha main usi raah par, Jahan chal raha tha zamana, Lag raha tha aasan hoga, namumkin cheezein kar paana. Chakachaund ki duniya me kho gya tha main, kuch naye…

In the midst..

In the midst of crying, were the depressing tears for losing me. In the midst of searching for happiness, was the heart going numb. In the midst of making greater bonds, were the closed one parting off. In the midst of helping Freund, was them becoming cynical. In the midst of building an empire, was…

Armaan

She says…. तुम्हारा टूटकर मुझे चाहना नाजायज नहीं था मेरा तुम्हें ना करना भी नाजायज कहां था रिश्तों की इस भीड में हम कहां थे तुम्हारा चुपके से तस्सवुर में आना जायज नहीं था बंद आंखों में कितना समेटू रूह में उतरकर चले जाना जायज नहीं था घायल हुआ जज्बातों का घरौंदा टूटकर बिखर जाना…

Love you Mom…

mujhse pehle mere khwayish ko tumne jaana hai, lekin abse tumhare sare sapne ko manzil maine maana hai puja karun main kyun kisi putle ki, jab bhagwan tujhe hi maana hai, kyun darun me karma se, jab daant tumse bhi khana hai meri mehnat se jyada mannatein tumhari, fir kyun kamyabi pe kisi aur ko…